
About Baal Education Fund
बाल एजुकेशन फंड की शुरुआत हमने लक्ष्य से छात्रावास से की थी जब हम कक्षा दसवीं में पढ़ रहे थे मुझे याद है कि जब 1 दिन में (अमीन राणा) रात्रि के समय में बाबू चौहान जी से चर्चा कर रहा था कि क्या हम कोई एक ऐसा System बना सकते हैं जो जाति, धर्म आदि से ऊपर उठकर उन गरीब बच्चों के लिए जो Education अपने आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण प्राप्त नहीं कर सकते हैं उनके लिए शिक्षा के क्षेत्र में हम किसी भी प्रकार का सहयोग दे सकते हैं? वह दिन 21 दिसंबर 2019 का था जब मैं बाबू चौहान जी से यह चर्चा कर रहा था सौभाग्य से अगले दिन रविवार की छुट्टी होने के कारण सभी छात्र छात्रावास में उपस्थित थे। रविवार के दिन मैंने सभी अपने सहपाठियों और छात्र में छोटे-बड़े छात्रों से इस विषय पर चर्चा की जिसका कि हमें परिणाम यह मिला कि हमारे साथ बहुत सारे छात्र जुड़ गए अंततः एक निर्णय लिया गया कि हम एक ऑर्गेनाइजेशन बनाएंगे जो एजुकेशन के क्षेत्र में काम करेगी। उसी दिन अरुण भाई ने मुझे बाल एजुकेशन फंड नाम सुझाया था। नाम अच्छा होने के कारण हमने अपने ऑर्गेनाइजेशन का नाम यही रखने का निर्णय लिया।
Covid के समय हमें दिल्ली के एक ऑर्गेनाइजेशन के साथ मिलकर कुछ बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए कुछ विषयों की कक्षाएं चलाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिसके लिए मेघना जोशी जी ने हमारा सबसे अधिक सहयोग किया जो कि Swan Livelihood की फाउंडर है । Swan Livelihood जोकि Skill Based एजुकेशन सबके लिए Accessible करने में बहुत बड़ा योगदान दे रहा है।
उसके बाद कुछ समय The Conscientization Movement के founder Mr. Panashe Ndlovu जी के साथ भी मिलकर हम क्या शिक्षा के क्षेत्र में अपना छोटा सा सहयोग दे सकते हैं खूब सारी चर्चा करने का मौका मिला। हमारी कोशिश रहेगी कि सागर जितने ही विशाल क्षेत्र में एक बूंद सहयोग करने का भी यदि हमें सौभाग्य मिला तो हमारे लिए इससे बढ़कर क्या ही पुणे की बात हो सकती है।
हमारा उद्देश्य बाल एजुकेशन फंड के माध्यम से उन गरीब बच्चों की मदद करना है,जो होनहार होने के बावजूद पढ़ना तो चाहते हैं लेकिन पढ़ नहीं पाते उन्हें एक ऐसा नागरिक बनाना है जो कि आगे चलकर अपने देश तथा अपने देश की जनता का भला कर सके उन्हें इस योग्य बनाना है कि वह अपने तरह ही अन्य गरीब बच्चों का भला कर सके हमारा हमारा उद्देश्य बच्चों को अपने इस समाज में ऐसे पदों पर आसीन कराना है जिससे वे समाज की सेवा कर सके जैसे सेना वह सिविल सेवा की नौकरियां सेना में रहकर वह देश की रक्षा करेंगे तथा सिविल सेवा की नौकरियों में जाकर वह लोगों का विकास तथा लोगों का भला कर सकते हैं उनमें ऐसे संस्कारों का विकास करना जिससे कि वह समाज के सभी वर्गों का तथा नारियों जातियों का सम्मान करें उनका विकास करें।
बाल एजुकेशन परिवार का एक ही उद्देश्य है कि संसार से अशिक्षा का उन्मूलन।
बाल एजुकेशन फंड परिवार अधिक धनवान लोगों से धन एकत्र करके उन गरीब बच्चों के लिए जो पढ़ना चाहते हैं कोमा आगे बढ़ना चाहते हैं लेकिन उन्हें समाज की तन ताकत रूकती है उनके लिए बाल एजुकेशन फंड दिन रात काम करेगा।
बाल एजुकेशन परिवार चरणबद्ध तरीके से आपके सहयोग से अपना उद्देश्य पूरा करेगा।
समाज में अनैतिक कार्य मन के कारण होते होते हैं, बाल एजुकेशन परिवार से कैसे नागरिक का विकास करेगा। जो अपने देश से प्रेम करता है, अपने माता-पिता का आदर करेगा, अपने देश के प्रत्येक वर्ग जाति धर्म के लोगों से अपनत्व का भाव रखता हो, और एक उस गरीब के बारे में सोचने वाला हो, जो बेघर,खाने के लिए अन,सोने के लिए मकान नहीं, बातें करने के लिए दोस्त नहीं, के विषय में चिंतन करने वाले नागरिक का विकास करना प्रथम उद्देश्य होगा।
आज हमारे समाज में लोग अपने आस-पास रहने वाले गरीब, भूमिहीन, भूखे प्यासे लोगों को उनके कार्यों के आधार पर देखते हैं यदि कार्य के स्थान पर उनके विचारों को देखा जाए तो वास्तव में उनके मन में किसी के लिए हीन भाव नहीं होता है। हमें उनके नवीन बालकों बालिकाओं की आर्थिक रूप से सहयोग करके उनके मन मस्तिष्क पर इस प्रकार के विचारों की उत्पत्ति करनी है कि आगे भविष्य में एक वास्तविक देशभक्त और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति बन सके। क्योंकि विचारों से ही कार्य होते हैं। हमें ऐसे क्षेत्रों के लोगों के लिए कार्य करना है जो अपने सत विचारों को समाज के कल्याण में अशिक्षा के कारण कार्यविन्त् नहीं कर सकते हैं।
यदि हमें अपने विश्व का सतत विकास चाहिए, तो सबसे पहला कार्य शिक्षा का उन्मूलन होना चाहिए।
आज हम अपने देश के चारों और नजर दौड़ा रहे हैं, तो हमें मिलेगा कि यहां शिक्षा का अभाव है वही क्षेत्र उन्नयन क्षेत्रों की अपेक्षा कम विकसित होगा। वहां पर नवजीवन बहुत ही कठिन होगा। सड़के नहीं होगी, भ्रष्टाचार होगा, लोग अपने अधिकारों से अनजान होंगे।
हमें इन क्षेत्रों में जाकर शिक्षा उन्मूलन का कार्य करना है जिससे वहां का समाज अपने पैरों पर खड़ा हो सके।
Our Goals
Spread empathy
through education
Increase donations equally across 24 countries
Help more children and teens graduate from high school




